राजस्थान और गुजरात में Adani Green का बड़ा विस्तार, 951 MW जोड़ते ही बदला पूरा आंकड़ा

भारत की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy Limited (AGEL) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात स्वच्छ ऊर्जा की होती है, तो वह किसी से पीछे नहीं रहती। कंपनी ने राजस्थान और गुजरात में कुल 951 MW के सोलर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स को कमर्शियली चालू कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही AGEL की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल क्षमता 18,933.3 MW तक पहुंच गई है, जो देश के ऊर्जा इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है।

Adani Green Expands in Rajasthan and Gujarat

कहां-कहां हुआ विस्तार?

इस 951 MW की कुल क्षमता में से 251 MW राजस्थान के बैया (Baiya) में और 700 MW गुजरात के खावड़ा (Khavda) में जोड़ी गई है। इसमें 926 MW सोलर प्रोजेक्ट्स हैं और 25 MW हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। कंपनी ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि सभी जरूरी क्लियरेंस मिलने के बाद 29 मार्च 2026 को रात 9:58 बजे इन प्लांट्स को कमर्शियली ऑपरेशनल करने का निर्णय लिया गया और 30 मार्च 2026 से बिजली उत्पादन शुरू हो गया।

किस सब्सिडियरी ने कितना जोड़ा?

AGEL ने यह विस्तार अपनी विभिन्न स्टेपडाउन सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए किया है। हर सब्सिडियरी ने एक निश्चित क्षमता जोड़ी है, जिसका विवरण इस प्रकार है:

  • Adani Hybrid Energy Jaisalmer Five ने 50 MW सोलर क्षमता जोड़ी।
  • Adani Green Energy Twenty Four ने 100 MW सोलर क्षमता जोड़ी।
  • Adani Green Energy Twenty Five C ने 225 MW सोलर क्षमता ऑपरेशनल की।
  • Adani Green Energy Twenty Six A ने 300 MW सोलर क्षमता जोड़ी।
  • Adani Solar Energy Barmer One ने 251 MW सोलर क्षमता जोड़ी।
  • Adani Solar Energy Jodhpur Six ने 25 MW की हाइब्रिड क्षमता ऑपरेशनल की।

खावड़ा: दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट

जब भी खावड़ा का जिक्र होता है, तो आंकड़े खुद ही चौंका देते हैं। गुजरात के कच्छ जिले में 538 वर्ग किलोमीटर की बंजर जमीन पर बना यह प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट है। यह क्षेत्रफल पेरिस शहर से पांच गुना बड़ा है और इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकेगा। AGEL की योजना है कि 2029 तक खावड़ा में 30 GW की क्षमता स्थापित की जाए, और अभी तक वहां 9.4 GW (9,413 MW) की संचित क्षमता स्थापित हो चुकी है।

यह प्रोजेक्ट अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करता है। खावड़ा प्रोजेक्ट में बाइफेशियल सोलर मॉड्यूल लगाए गए हैं जो सूर्य की रोशनी को दोनों तरफ से कैप्चर करते हैं, सोलर ट्रैकर्स बिजली उत्पादन को अधिकतम करते हैं और 5.2 MW की विंड टर्बाइन्स भी लगाई गई हैं जो दुनिया की सबसे शक्तिशाली ऑनशोर यूनिट्स में से एक हैं। इसके अलावा, वॉटरलेस रोबोटिक क्लीनिंग सिस्टम से सोलर पैनल्स की सफाई होती है, जिससे पानी की खपत लगभग शून्य रहती है।

FY26 में 5,051 MW का रिकॉर्ड ऐड

यह 951 MW का विस्तार उस बड़ी तस्वीर का हिस्सा है जो AGEL ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में बनाई है। AGEL ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 5,051 MW की रिन्यूएबल क्षमता जोड़ी, जिससे उसका कुल ऑपरेशनल पोर्टफोलियो 19.3 GW तक पहुंच गया। यह उपलब्धि चीन को छोड़कर दुनिया में किसी भी कंपनी द्वारा एक वित्त वर्ष में की गई सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड क्षमता वृद्धि है।

इस साल जोड़ी गई क्षमता में 3,409 MW सोलर, 686 MW विंड और 956 MW विंड-सोलर हाइब्रिड शामिल हैं। इतना ही नहीं, खावड़ा में 1,376 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी ऑनलाइन की गई, जो दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-लोकेशन बैटरी तैनाती में से एक है और जिसे काम शुरू होने के मात्र आठ महीने के भीतर चालू किया गया।

2030 तक 50 GW का लक्ष्य

AGEL ने अपना भविष्य बहुत बड़ा सोचा है। कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक 50 GW की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल की जाए। इसके लिए सोलर, विंड, हाइब्रिड और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स का मिला-जुला इस्तेमाल किया जाएगा। इस विस्तार में लगभग 21 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश होना है। कंपनी 5 GW से अधिक के पंप्ड स्टोरेज साइट्स पहले ही सुरक्षित कर चुकी है और 3.4 अरब डॉलर की रिवॉल्विंग कंस्ट्रक्शन फैसिलिटी से इस विस्तार को वित्तीय सहारा मिल रहा है।

AGEL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडाणी ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह माइलस्टोन भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक पल है जो देश को ग्लोबल क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करता है।

पर्यावरण पर असर: करोड़ों टन कार्बन होगा ऑफसेट

यह केवल बिजनेस की कहानी नहीं है, इसका पर्यावरण पर भी गहरा असर होगा। नई 5 GW क्षमता से हर साल लगभग 1 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन ऑफसेट होगा और AGEL का 19.3 GW का कुल पोर्टफोलियो सालाना 3.6 करोड़ टन कार्बन ऑफसेट करेगा। यह भारत के क्लाइमेट कमिटमेंट्स और नेट जीरो टारगेट की दिशा में एक बड़ा कदम है।

ESG में भी अव्वल

कंपनी के विस्तार के साथ-साथ उसकी सस्टेनेबिलिटी रेटिंग भी शानदार रही है। NSE सस्टेनेबिलिटी रेटिंग्स एंड एनालिटिक्स ने लगातार दूसरे वर्ष AGEL को पावर सेक्टर में भारत का शीर्ष सस्टेनेबिलिटी परफॉर्मर माना और Energy Intelligence की Global Top 100 Green Utilities लिस्ट 2025 में कंपनी को पहला स्थान मिला।

कुल मिलाकर, Adani Green Energy का यह 951 MW का ताजा विस्तार सिर्फ एक संख्या नहीं है बल्कि यह भारत की उस ऊर्जा क्रांति का प्रतीक है जो देश को जीवाश्म ईंधन की निर्भरता से मुक्त कर स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

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